बच्ची से ऐसी हैवानियत कि सुनकर कांप जाएगी रूह…

मंदसौर। देशवासी जम्मू कश्मीर का कठुआ गैंगरेप कांड भूले भी नहीं हैं कि मंदसौर की घटना ने लोगों को हिलाकर रख दिया है। मध्य प्रदेश के मंदसौर में शैतानों ने सात साल की बच्ची को अपना निशाना बना लिया। मासूम बच्ची अब जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। घटना के बाद से मंदसौर के लोगों में समुदाय विशेष के खिलाफ आक्रोश पनप गया है।
मंदसौर की सात वर्षीय बच्ची कक्षी-3 में पढ़ती है। वह रोजाना की तरह मंगलवार की सुबह स्कूल गई थी, लेकिन घर नहीं लौट सकी। बच्ची के दादा उसे लेने स्कूल गए तो पता चला कि वह पंद्रह मिनट पहले ही स्कूल से निकल गई थी। जिसके बाद परिजनों द्वारा थाने में छात्रा के लापता होने की सूचना दी गई। बुधवार की सुबह खून से लपथपथ छात्रा लक्ष्मण गेट के पास झाड़ियों में पड़ी मिली।
बच्ची के साथ हैवानियत की सारी हदें पार की गर्इं थीं।  उसके गुप्तांग में लौहे की रॉड या लकड़ी जैसी नुकीली चीज से हमला किया। पुलिस ने बच्ची को इंदौर के एमवॉयएच अस्पताल में भर्ती कराया। बच्ची से दरिंदगी इस कदर की गई कि डॉक्टर व पुलिसकर्मी भी उसे देखकर सिहर उठे। बच्ची का इलाज कर रहे डॉ ब्रजेश ने बताया कि बच्ची की आंत गुप्तांग से अलग होकर बाहर आ गर्इं थीं।
बच्ची की नाक और मुंह पर जख्म इतने गहरे हैं कि नेसोगेस्ट्रिक ट्यूब लगानी पड़ी। वहीं मुंह के घावों को भरने के लिए बच्ची की ल्यूकोप्लास्टी की गई है। बच्ची की सात घंटे की सर्जरी चली, लेकिन हालत में ज्यादा सुधार नहीं हो सका। बच्ची ने इलाज के लिए मंदसौर से इंदौर ले जाते समय एम्बुलेंस में अपनी मां को पूरी कहानी बताई। उसने मां को बताया कि वह स्कूल के बाहर दादा का इंतजार कर रही थी। तभी एक अंकल आए और लड्डू खिलाकर वे मुझे जंगल में ले गए, जहां एक और अंकल थे। उन्होंने मेरी गर्दन पर धारदार हथियार रख दिया, इसके बाद दोनों अंकल ने मेरे साथ गंदा काम किया। अब अस्पताल में बच्ची के पास दो पुलिसकर्मी तैनात हैं। मासूम के पिता ने बताया “मेरी बच्ची उठती है और सो जाती है।
जिस दरिंदे ने मेरी बच्ची के साथ ऐसा किया है उसे चौराहे पर खड़ा करके फांसी हो, तभी हमारी आत्मा को शांति मिलेगी.” पुलिस ने अपहरण और रेप का केस दर्ज कर स्कूल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाली। सीसीटीवी फुटेज में बच्ची को एक युवक के पीछे जाती दिख रही है। पुलिस ने पहले इस मामले में 20 साल के इरफान को गिरफ्तार किया।
और शुक्रवार को दूसरे आरोपी आसिफ को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस इरफान और आशिफ को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। बच्ची से रेप के विरोध में गुरुवार को मंदसौर बंद रहा। लोगों के आक्रोश के चलते पुलिस आरोपी इरफान खान को कोर्ट में पेश नहीं कर पाई। इसके बाद कोर्ट खुद कंट्रोल रूम पहुंची। जांच के लिए अफसरों की 15 सदस्यीय टीम बनाई गई है।
20 दिन में चालान पेश कर आरोपी को फांसी की सजा दिलाने की बात कही। घटना पर मुस्लिम समुदाय के नेताओं में भी गुस्सा है। मुस्लिम नेताओं ने आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने आरोपियों के शवों को जिले के कब्रिस्तान में जगह नहीं देने की घोषण की। वहीं स्कूली बच्चियों ने काले बैंड से हाथ बांधकर घटना का विरोध किया, उधर वकीलों ने आरोपियों का केस लड़ने से इनकार कर दिया। मंदसौर के विधायक यशपाल सिंह ने बताया कि सीएम शिवराज सिंह ने घटना की पूरी जांच और ट्रायल के आदेश दिए हैं। शिवराज ने कहा कि कोर्ट में केस की जल्द सुनवाई होनी चाहिए। जिससे कू्रर अपराधियों को मरने तक फांसी पर लटकाया जा सके।