हलाला के नाम पर विवाहिता से रातभर दुष्कर्म!

सदियों पुराने शरियत कानून में तीन तलाक और हलाला मुस्लिम महिलाओं के लिए नासूर बने हुए हैं। यूपी के रामपुर में हलाला के नाम पर एक विवाहिता से चार लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया है।
इस घिनौने कांड में पीड़िता के सास-ससुर और तलाक पीड़िता के पति ने भी साथ दिया। यह मामला यूपी के रामपुर स्थित अजीमनगर थाना क्षेत्र के टांडा गांव का है। दरअसल युवती ने अपने गांव के ही काशिफ नामक युवक से प्रेम-प्रसंग के बाद निकाह कर लिया था। लेकिन निकाह के कुछ समय बाद ही काशिफ ने युवती को तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया था।
कुछ दिन बाद पंचायत में समझौता हुआ कि इदत्त और हलाला के बाद काशिफ युवती से दोबारा निकाह करेगा। इसके बाद काशिफ युवती को अपने घर ले आया था।आरोप है कि काशिफ ने युवती को एक कमरे में बंद कर दिया और उसके सास-ससुर दरवाजे के बाहर बैठ गए। जिसके बाद चार लोगों ने हलाला के नाम पर युवती की इज्जत को तार-तार कर दिया।
युवती ने ससुरालियों के इस घिनौने रिवाज का विरोध किया तो उसे घर से बाहर फेंक दिया गया। युवती ने अजीमनगर थाने में काशिफ, अब्दुल शकूर और बब्बू उर्फ इफ्तेकार सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
केस दर्ज होने के बाद पीड़ित युवती का मेडिकल कराया गया है।
गौरतलब है कि मुस्लिम महिलाओं के शोषण पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट भी तीन तलाक को खत्म करने के आदेश दे चुके हैं। वह दूसरी बात है कि कुछ मुल्ला-मौलवी और कटटरपंथी ताकतें शरियत कानून को जिंदा रखना चाहते हैं। मुस्लिमों को चाहिए कि देशहित में शरियत के हलाल और तीन तलाक जैसे कानून का त्याग करें।