सियांग नदी के प्रदूषण ने बढ़ाई भारत की चिंता

नई दिल्ली । भारत के अरूणाचल प्रदेश में चीन से होकर प्रवेश करने वाली सियांग नदी प्रदूषण से जूझ रही है। नदी के जलस्तर में प्रदूषण इतना गहरा गया है कि पानी का रंग काला पड़ गया है। इन खबरों को सरकार ने गंभीरता से लिया है और जांच के आदेश दिए हैं। सरकार ने कहा कि जांच में प्रदूूषण स्तर के हर पहलु का अध्ययन किया जाएगा। प्रारंभिक अध्ययन में नदी के मार्ग में बाधा उत्पन्न होने की बात सामने आई है जिसका कारण तिब्बत में आए भूकंप को माना जा रहा है। भूकंप से प्रभावित होने के कारण नदी का पानी गंदा दिखाई पड़ रहा है।
इस बारे में जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि सियांग अरूणाचल से होते हुए असम के डिबू्रगढ़ में आती है जहां इसे ब्रह्मपुत्र नदी के नाम के नाम से जाना जाता है।
पिछले 2-3 दिनों नदी से केंद्रीय जल आयोग प्रदूषण के कारणों का अध्ययन कर रहा है। मंत्री ने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर जांच में तिब्बत के भूकंप को कारण माना गया है। भूकंप से नदी के प्रवाह में बाधा उत्पन्न हुई जिससे यह समस्या दिखाई दे रही है। इसकी अधिक संभावना जताई जा रही है कि इसके प्राकृतिक कारण भी हो सकते हैं। मंत्री ने कहा कि अभी हम किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं। अध्ययन जारी है।
गौरतलब है कि सियांग नदी (ब्रह्मपुत्र) को अरूणाचल प्रदेश की जीवनरेखा माना जाता है। लेकिन पानी में आए बदलाव से यहां के लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं। नदी के पानी में भारी मात्रा में कीचड़ व गंदगी दिखाई पड़ रही है। लोगों की चिंताओं के बारे में अरूणाचल प्रदेश से सांसद नीनांग एरिंग ने कुछ दिन पहले की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा था। एंरिग ने खत में लिखा था सियांग नदी मुश्किल दौर से गुजर रही है इसका पानी काला हो गया है। भारी मात्रा में गाद और पानी मिलकर बह रहे है जो अस्वाभाविक है। सांसद ने कहा कि इस मुद्दे को मैं नियम 337 के तहत संसद में भी उठाऊंगा।

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