सांझीराम की बकरवाल मुस्लिमों से खुन्नस का नतीजा है कठुआ कांड …

दिल्ली के निर्भयाकांड को देश भूला भी नहीं था कि जम्मू के कठुआ कांड ने देश को हिला कर रख दिया है। साल की बच्ची को जिस तरह आठ दरिंदों ने नौंच-नौंच कर मार डाला, उस घटना को सुनकर लोगों की रुह कांप जाती है। दिल्ली की निर्भया के लिए जहां देशवासियों ने एकजुटता दिखाई थी, वहीं जम्मू कश्मीर के कठुआ कांड ने आज हिंदू बनाम मुस्लिम की शक्ल ले ली है।

जम्मू का कठुआ कांड घिनौनी सांप्रदायिक सोच का ही नतीजा है। जम्मू के कठुआ स्थित रासना गांव में बड़ी संख्या में बक्करवाल समुदाय के लोग रहते हैं। गांव में देवी स्थान मंदिर है, जहां पर सांझीराम सेवादार का काम रहता है। दरअसल सांझीराम बक्करवाल समुदाय को हमेशा से हिंदुओं का विरोधी मानता है। सांझीराम का आरोप है कि बक्करवाल समुदाय के लोग गौ हत्या और ड्रग की तस्करी करते हैं जो कि हिंदु समुदाय के लिए हानिकारक हैं। यही वजह है कि सांझीराम ने बक्करवाल समुदाय को गांव से भगाने के लिए बच्ची के अपहरण की योजना बनाई। सांझीराम ने बीते चार जनवरी को पुलिस अफसर दीपक खजूरिया और अपने भतीजे सहित छह लोगों को तैयार किया।

आरोप है कि 10 जनवरी को नाबालिग लड़का मासूम बच्ची को घोड़ा ढूंढ़वाने के लिए जंगल में ले गया। इसके बाद आरोपी बच्ची को नशीली दवाएं देकर एक देवी स्थान पर ले गए, जहां उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया गया। उधर पुलिस मासूम बच्ची की गुमशुदगी के बाद जांच कर रही थी। जबकि सांझीराम ने डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत देकर पुलिस को चुप करा दिया।

आरोप है कि 13 जनवरी को विशाल, संझीराम राम और नाबालिग ने देवी स्थान पर पूजा-अर्चना कर मासूम से दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे नशीला पदार्थ देकर मारने के लिए एक पुलिया पर ले गए। वहां दीपक खजुरिया ने कहा कि वह कुछ देर और रुक जाएं क्योंकि वह पहले उससे रेप करना चाहता है। जनवरी को पुलिस द्वारा जंगल में मासूम बच्ची का शव बरामद किया गया। बच्ची से गैंगरेप और हत्या के मामले में चार महीने बाद अब आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।

पुलिस की चार्जशीट बताती है कि बच्ची के साथ किस हद तक दरिंदगी की गई। पत्थर से सिर कुचलने के बाद भी एक लड़के ने लाश के साथ बलात्कार किया था। दरिंदगी की चार्जशीट के मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड सांझीराम को बताया गया है। बकरवाल समुदाय की मासूम बच्ची का अपहरण, रेप और मर्डर इलाके से बक्करवाल समुदाय को हटाने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मामले में फास्ट ट्रैक अदालत में जल्द ही सुनवाई होगी।

आरोपियों में सांझीराम, उसका बेटा विशाल, सब-इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया, सुरेंद्र वर्मा, सिपाही तिलक राज और प्रवेश कुमार शामिल हैं। इन पर रेप, मर्डर और साक्ष्यों को छिपाने की अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया गया। कुछ वकीलों ने चार्जशीट पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं पीड़ित परिवार की वकील डीएस राजावत ने स्थानीय वकीलों पर केस ना लड़ने के लिए धमकी देने का आरोप लगाया है।

इधर कठुआ गैंगरेप मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल पर सात मई तक रोक लगा दी है। वहीं, आरोपी के वकील ने कहा कि सीबीआई जांच होनी चाहिए और उनके मुवक्किल को राज्य पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। उधर सांझीराम ने पुलिस पूछताछ के दौरान कुछ राज खोले हैं। पुलिस के मुताबिक बलात्कार में अपने बेटे के भी शामिल होने का पता चलने पर सांझीराम ने बच्ची की हत्या करने का फैसला किया था। क्योंकि सांझी राम अपने बेटे तक पहुंचने वाले हर सुराग को मिटा देना चाहता था, सांझीराम ने अपने नाबालिग भतीजे को जुर्म स्वीकार करने के लिए तैयार किया था। उधर कठुआ रेप पीड़िता के पिता ने कहा, ‘हमें न्याय की पूरी उम्मीद है’ बच्चे तो बच्चे होते हैं, हिंदू-मुस्लिम नहीं। लेकिन आज देश में दुष्कर्म और हत्याएं धर्म बूझकर की जा रही हैं। जिससे देश में सांप्रदायिक माहौल बिगड़ता जा रहा है।

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