मरकर भी एक दूसरे से लिपटे रहे ये आशिक

मथुरा। जिंदगी देने का नाम है प्यार, प्यार में जान लेना और देना प्यार नहीं पागलपन है। यूपी के मथुरा में एक प्रेमी युगल ने प्यार की खातिर जान देकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

मथुरा के महरौली निवासी कांशीराम और गुड्डन एक-दूसरे से तीन साल से प्यार करते आ रहे थे। जैसे ही परिजनों को उनकी प्रेम कहानी का पता चला तो उन्होंने प्रेमी युगल पर पाबंदियां लगा दीं। लेकिन फिर भी कांशीराम और गुड्डन चोरी-छिपे एक दूसरे से मिलते रहे। जिसके बाद परिजनों द्वारा एक अन्य लड़के से गुड्डन की शादी तय कर दी गई।

जबकि प्रेमी युगल एक दूसरे से शादी करने की जिद पर अड़ा हुआ था। आने वाली 10 जून को गुड्डन की बारात आने वाली थी। परिजन शादी की पीली चिट्ठी वर पक्ष के पास लेकर गए, उधर 12 मई की सुबह गुड्डन अपने प्रेमी कांशीराम के साथ गांव से भाग गई।

ग्रामीणों ने देखा कि दोनों की लाश जंगल में एक पेड़ से लटक रही थी। कांशीराम और गुड्डन की मौत की खबर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। गुड्डन और कांशीराम की लाश एक साथ लटकी देखकर ग्रामीण दंग रहे गए।

कांशीराम और गुड्डन की लाशों को देखकर परिजन चीख-चीखकर रोने लगे। ग्रामीण प्रेमी युगल द्वारा उठाए गए इस कदम से बहुत ही आश्चर्यचकित हैं। पुलिस ने मामले को प्रथम दृष्टया सुसाइड मानते हुए प्रेमी युगल की लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। मामले को लेकर मथुरा के एसपी देहात आदित्य शुक्ला ने बताया कि प्रेमी युगल की मौत सुसाइड लग रही है। लेकिन फिर भी आॅनर किलिंग की आशंका के चलते मामले की गहराई से जांच की जा रही है। युवा पीढ़ी को चहिए कि नव यौवन और जल्दबाजी में कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाएं जिससे उनकी और उनके परिजनों की सामाजिक छवि खराब हो।

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