नाबालिग मजदूरों की दर्दनाक मौत

देश में बाल मजूदरी उन्मूलन कानून लागू है। कोई भी नाबालिग बच्चों से मजूदरी नहीं करा सकता। लेकिन उन्नाव जिले में सरकारी कामों में बाल मजदूरों को लगाया गया। यही नहीं दुर्घटना में दो नाबालिग मजूदरों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
यह मामला उन्नाव जिले के कोतवाली अजगैन के नारायणपुर गांव का है। यहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत एक पुलिया के निर्माण का कार्य चल रहा था। पुलिया धंस जाने से काम कर रहे दो नाबालिक मजदूरों की दबकर मौत हो गयी।
इस पूरे मामले में श्रम विभाग की लापरवाही देखने को मिली। ठेकेदार के द्वारा कई नाबालिक बच्चों से मजदूरी का काम कराए जाने की खबरें आई हैं। बच्चे पुलिया के लिए खुदाई का काम कर रहे थे तभी अचानक ऊपर की मिटटी की कगार फट गई जिसमें दबकर दो नाबालिक बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। वही दो गंभीर रूप से घायल हो गए।
जिसके बाद मौजूद ग्रामीणों ने जमकर बवाल काटा। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी मनीष बंसल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों को समझाकर मामला शांत कराया।
 घायलो को सीएचसी नवाबगंज लाया गया और मृतकों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। हसनगज एसडीएम ने कहा कि मामले में ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा लिखकर उचित कार्रवाई की जायेगी।
बड़ा सवाल यह उठता है आखिर इन नाबालिक मजदूरों से कितने दिनों से काम करवाया जा रहा था। समय-समय कार्य का निरीक्षण करने वाले अधिकारियों की इन नाबालिक मजदूरों पर नजर क्यों नही पड़ी। क्या सभी जिम्मेदार अधिकारी ऐसी ही किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहे थे।

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