गुरुग्राम में नमाज पढ़ी तो संत लगाएंगे आग!

गुरुग्राम। खुद को अखिल भारतीय संत परिषद का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताने, वाले यति नरसिम्हा सरस्वती मुस्लिमों पर बयान देकर सुर्खियों में आ गए हैं। नरसिम्हा सरस्वती ने हरियाणा के गुरुग्राम में सार्वजनिक स्थान पर मुस्लिमों के नमाज पढ़ने पर आपत्ति जताई है। सरस्वती ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति ने भारतीय नेताओं को इस्लामिक जिहादियों के चरण चुंबन में लगा दिया है। मुस्लिमों के सरकारी जमीन पर नमाज पढ़ने को लेकर सरस्वती ने गुरुग्राम पुलिस-प्रशासन को भी आड़े हाथ लिया है।

सरस्वती ने कहा जब हिंदू मुस्लिमों के क्षेत्र में जाकर जागरण नहीं करते हैं तो मुस्लिम क्यों सार्वजनिक स्थान पर नमाज पढ़ते हैं। नरसिम्हा सरस्वती ने कहा कि जब हम हज यात्रियों को नहीं रोकते हैं तो हमारे अमरनाथ यात्रियों पर क्यूं आतंकी गोली बरसाते हैं। सरस्वती ने कहा कि गुरुग्राम मुस्लिम क्षेत्र नहीं है। गुरुग्राम में 100 से ज्यादा जगहों पर नमाज पढ़ी जा रही है।

सरस्वती ने कहा कि गुरुग्राम में जो पांच लाख मुस्लिम नमाज पढ़ रहे हैं उनका मुकसद सिर्फ आईटी हब गुरुग्राम को बर्बाद करने की साजिश है। उन्होंने कह कि इस्लामिक जिहाद ने अमेरिका, इंग्लैंड के बाद चीन और भारत में अपनी जड़ें जमानी शुरू कर दी हैं। यति सरस्वती ने कहा कि गुरुग्राम पुलिस-प्रशासन नमाजियों को खुले में नमाज पढ़ने की छूट दे रहा है।

अब हम शुक्रवार को नमाज नहीं पढ़ने देंगे, वहीं रविवार को इतिहास रचेंगे। बता दें कि यति सरस्वती देश में मुस्लिम आबादी पर बयान देकर हमेशा सुर्खियों में आते रहते हैं। फरवरी 2018 में नरसिम्हा ने मुजफ्फरनगर में बयान दिया था हर हिंदू को चार-चार बच्चे पैदा करने चाहिए।

यदि वह उन्हें नहीं पाल सकते तो हम जैसे साधुओं को दे दें। सरस्वती ने देश की बढ़ती आबादी के लिए मुस्लिमों को ही जिम्मेदार बताते हैं। उन्होंने कहा था कि आबादी को लेकर चीन जैसा कानून भारत सरकार भी बनाए।

जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने के लिए यति सरस्वती 18 फरवरी से 22 अप्रैल तक देशभर में हस्ताक्षर अभियान यात्रा निकाल चुके हैं। जनप्रवाद भी गुरुग्राम पुलिस-प्रशासन और धार्मिक नेताओं से अपील करता है कि किसी की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाए बिना मामला हल किया जाए।