आजादी के 70 साल बाद भी अंधेरे में जी रहे मुस्लिम!

पीलीभीत। ये ग्रामीण किसी तालीबानी देश के नहीं बल्कि यूपी में पीलीभीत के कंजाखेड़ा गांव के निवासी हैं। दरअसल आजादी के 70 साल में भी इस गांव में बिजली नहीं पहुंच सकी है। गलियों में बहता पानी और बिना तार वाले पोल कंजाखेड़ा गांव की बदहाली बता रहे हैं।
700 मतदाताओं वाले इस गांव में चुनाव से पहले सभी पार्टियों के नेता विकास करने का वादा करके जाते हैं। लेकिन चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि कंजाखेड़ा की ओर आकर भी नहीं देखते। यह हालत तो तब हैं, जब पीएम मोदी खुद कह चुके हैं कि हमने देश के हर गांव में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। पीएम ने खुशी जाहिर करते हुए बीते 28 अप्रैल को ऐतिहासिक दिन बताया था।
पीएम मोदी ने 15 अगस्त, 2015 को लालकिले की प्राचीर से 1000 दिन के अंदर 18,000 से अधिक गांवों में बिजली पहुंचाने का ऐलान किया था। सरकार के अनुसार देश के सभी 597,464 गांवों में अब बिजली पहुंच गई है।
लेकिन यूपी का मुस्लिम बहुल्य कंजाखेड़ा गांव में बिजली नहीं पहुंच सकी है। बिजली-सड़क, शौचालय के लिए ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान से लेकर डीएम तक गुहार लगाई, लेकिन मांगें पूरी नहीं हो सकी। देश में बेशक नेता और सफेदफोश हाथों में झाडू लेकर अखबारों की सुर्खियां बनते हैं, लेकिन कंजाखेड़ा में कोई सफाईकर्मी ही नहीं है।
कंजाखेड़ा निवासी अलनूर बताते हैं कि बच्चे और महिलाएं खेतों में शौच करने जाते हैं तो खेत मालिक उनसे गाली-गलौच करते हैं। कंजाखेड़ा निवासी अंगूरी देवी कहती हैं कि 70 साल में आज तक गांव में बिजली, सड़क, शौचालय की सुविधा नहीं हो सकी है।
गांव में पोल गढ़ चुके हैं, लेकिन तार नहीं खिंच पाए हैं। पीएम मोदी ने साल 2015 में लाल किले की प्राचीर से खड़े होकर कहा था कि 2019 तक देश को खुले में शौच से मुक्त करना है।
भारत सरकार कहती है कि 391 जिलों में कुल तीन लाख 80 हजार गांव खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब तक 85% ग्रामीण भारत स्वच्छ हो चुका है। ग्रामीण इलाकों में जन अभियान की मदद से अब तक 7.4 करोड़ टॉयलेट का निर्माण किया जा चुका है। लेकिन कंजाखेड़ा गांव तक यह सुविधाएं आखिर क्यूं नहीं पहुंच सकी हैं।